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"नमस्कार, बच्चों के रूप में रहे सभी कोमल आत्माओं। परमेश्वर की कृपा में, मैं आपके धन्य, बढ़ते जीवन के लिए प्रार्थना करती हूँ!हाल के समय में, जलवायु परिवर्तन और अन्य जीवन-घातक घटनाओं के कारण, हमने हत्या के कर्म के अकथनीय परिणाम भुगतें हैं – मासूम बच्चों से लेकर असहाय पशु-जनों तक। इन तत्काल दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं में से एक है पानी की कमी, जिसे आप, फरिश्तों, को भी सहना और अनुकूलित होना है। मैं स्वयं भी इसमे शामिल हूँ।1. कपड़े पूरे लोड होने पर ही धोएं।2. बहुत ज़्यादा बार स्नान न करें, जितना हो सके कम नहाएं। इसके बजाय गैर-रसायनयुक्त बेबी वेट टॉवल का उपयोग करें, बेबी वेट टॉवल के बाद पानी वाले गीले तौलिये से पोंछें यदि आपको बेहतर लगे, या बीच-बीच में बारी-बारी से केवल पानी वाले तौलिये का उपयोग करें। यदि आप ऐसा अक्सर, या ज़रूरत पड़ने पर करते हैं, तो आपका शरीर काफी साफ़ रहेगा। सिर से पैर तक पूरा शरीर पोंछें, है ना!3. केवल ज़रूरत पड़ने पर ही अपने बाल धोएं। अगर हो सके तो इसे प्राकृतिक धूप में सुखाएं।4. अगर आपके पास वर्षा जल है तो इसका उपयोग करें। आप इसे मिट्टी की सामग्री से फ़िल्टर भी कर सकते हैं ताकि पानी की बेहतर गुणवत्ता के लिए आपको पृथ्वी का आशीर्वाद भी मिले! कम से कम खाना पकाने और पीने के लिए तो ज़रूर।5. सुरक्षित रहने के लिए, पीने से पहले पानी उबालें।6. अगर आप कर सकें, तो किसी भी इस्तेमाल के बाद आखिरी साफ पानी को फर्श साफ करने, पौधों को पानी देने वगैरह के लिए बचाकर रखें…क्या मैं भी ऐसा करती हूँ? बेशक! वैसे भी पानी बचाना अच्छी बात है। सिर्फ़ आपके लिए ही नहीं, बल्कि ताकि दूसरे भी इस जीवन- रक्षक ज़रूरत को साझा कर सकें। परमेश्वर आपसे प्रेम करते हैं, अच्छे बच्चों। मैं भी आपसे प्रेम करती हूँ, हमेशा!"हम गुरुवर के आभारी हैं कि उन्होंने इस कीमती ग्रह के जल संसाधनों को सभी के लिए पर्याप्त रखने पर अपनी अंतर्दृष्टि साझा की।











